विष्णु चालीसा संपूर्ण
॥दोहा॥
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
कीरत कुछ वर्णन करूँ दीजै ज्ञान बताय ॥
नमो विष्णु भगवान खरारी ।
कष्ट नशावन अखिल बिहारी ॥
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी ।
त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥
सुन्दर रूप मनोहर सूरत ।
सरल स्वभाव मोहनी मूरत ॥
तन पर पीताम्बर अति सोहत ।
बैजंती माला मन मोहत ॥
शंख चक्र कर गदा विराजै ।
देखि रूप हरषित मन भाजै ॥
सत्य धर्म मद लोभ न गाजै ।
काम क्रोध मद लोभ न छाजै ॥
संतभक्त सज्जन मनरंजन ।
दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ॥
सुख उपजावन पाप नसावन ।
मन हरने वाले जगभावन ॥
जो जन ध्यान तुम्हारो लावै ।
सो नर सुख सम्पत्ति पावै ॥
जो यह पाठ करे मन लाई ।
ता पर कृपा करें सहाई ॥
Vishnu Chalisa Complete
Complete Vishnu Chalisa dedicated to Lord Vishnu for peace, protection and divine blessings.